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कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक ने भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ का दौरा किया।

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ एम एल जाट ने आज भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ का दौरा कर संस्थान की अनुसंधान एवं विकासात्मक गतिविधियों की समीक्षा की।

माननीय महानिदेशक के आगमन कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान परिसर में वृक्षारोपण के साथ हुआ। इसके उपरांत उन्होंने अनुसंधान प्रक्षेत्र एवं संस्थान की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण किया, जहाँ उन्हें गन्ना उत्पादन एवं प्रबंधन से संबंधित चल रहे अनुसंधान कार्यों, तकनीकी प्रगतियों तथा क्षेत्रीय नवाचारों की जानकारी दी गई।

डॉ. दिनेश सिंह, निदेशक, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान द्वारा माननीय महानिदेशक का हार्दिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर लखनऊ स्थित चारों संस्थानों के वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों को संबोधित करते हुए महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने वैज्ञानिक तंत्र को सुदृढ़ बनाने हेतु प्रभावी मार्गदर्शन एवं सशक्त नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सार्थक विचार-विमर्श के माध्यम से स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करने तथा संस्थागत प्रगति में प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

उन्होंने दायित्वों के निर्वहन में ईमानदारी एवं जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करते हुए अधिक गंभीर एवं परिणामोन्मुख कार्य संस्कृति अपनाने की आवश्यकता बताई। साथ ही, अंतर्विषयी एवं बहुविषयी अनुसंधान को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए विभिन्न क्षेत्रों के मध्य सहयोग को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। महानिदेशक ने वैज्ञानिकों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषदकी नीतियों से सक्रिय रूप से जुड़कर अपने कार्यों को उनके अनुरूप संचालित करने की सलाह दी तथा कहा कि प्रभावशाली परिणाम प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत उत्तरदायित्व एवं योगदान अत्यंत आवश्यक हैं। महानिदेशक ने संस्थानों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा वैज्ञानिक समुदाय को नवाचार, सहयोग एवं समर्पण के माध्यम से उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनीता सावनानी द्वारा किया गया।

माननीय महानिदेशक महोदय ने लखनऊ स्थित अन्य भाकृअनुप संस्थानों—भाकृअनुप-केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी संस्थान, भाकृअनुप-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो तथा भाकृअनुप-केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र)—का भी भ्रमण किया। इस दौरे से भाकृअनुप प्रणाली के अंतर्गत संस्थागत सहयोग, समन्वय एवं ज्ञान साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इस अवसर पर डॉ. जे.के. जेना, उप महानिदेशक, मत्स्य, डॉ. टी.दामोदरन, निदेशक, केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी संस्थान, डॉ. काजल चक्रबर्ती, निदेशक, राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, डॉ. अनिल कुमार दुबे, अध्यक्ष, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र—केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा किया गया।

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